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The world's first licensed armless pilot
 
jeevan chalne ka nam chalte raho subah -sham
बिना हाथों की पहली महिला पायलेट – “जेसिका कॉक्स”

जिस दिन से चला हूँ, मेरी मंजिल पे नज़र है,
आखों ने कभी, मील का पत्थर नहीं देखा  
       ये खूबसूरत सूरत पंक्तियाँ famous poet डॉ बशीर ने क्या खूब कही हैं। इन lines में मंजिल तक पहुँचने का जो जूनून है वो साफ़ नजर आता है, की एक राही किसी पथ की कठिनाइयों व थकावट को नजर अंदाज कर के बस अपनी मंजिल की तरफ बढ़ा जा रहा है ।
     this is very true that life की कठिनाइयाँ कभी लक्ष्य की प्राप्ति में बाधक नहीं बनती बल्कि गर कुछ बाधक बनता है तो वो है आप का अपने लक्ष्य के प्रति अविश्वास और अपने लक्ष्य के प्रति जूनून की कमी ।
यदि आप का life aim clear and sarp है और उसे पाने के लिए आप के अंदर एक जूनून है तो फिर life की हर physicle and finacial problem आपके लक्ष्य के सामने छोटी हो जाती है और आप वो हर success को gain करते है जिसे आप करना चाहते हैं ।
अपनी इस बात का मैं एक real life model – ‘Jessica Cox’ का example दे कर करना चाहती हूँ ।
Jessica Cox is a real life hero who is the world’s first licensed armless pilot.             
Surprised!
I know but Yes this is true वैसे ही जैसे आकाश में सूरज और चाँद, Jessica Cox एक बिना हाथों की विश्व की पहली women pilot हैं । जिनका जन्म 1983 में America के Arizon में हुआ था । वो एक ऐसी girl है जो बिना हाथों के इस संसार में पैदा हुयी थी।
Jessica Cox ने जन्म से ही बिना हाथों के होते हुए भी अपनी life में हताशा और निराशा को स्थान नहीं दिया बल्कि हाथों के स्थान पर अपने पैरों को अपनी ताकत बनाते हुए अपनी life के प्रति always एक positive vision रखा  और वो सब प्राप्त किया जो वो पाना चाहती थी ।       
     जेसिका कॉक्स ने कभी भी अपनी life में can ‘t do और imposible words को शामिल नहीं होने दिया बस अपने अंदर कुछ पाने के जूनून को जगाया और success की तरफ कदम बढाती गईं ।
Jessica Cox saidI may not have arms but that does not determine who I am or who I can become.”
     25 वर्ष की age में वह licensed प्राप्त पहली बिना हाथों वाली महिला pilot बनी।
जेसिका सिर्फ बिना हाथो के विमान ही नहीं चलाती, वो एक ब्लैक –बेल्टर भी हैं। वो American Taekwndo Asociation से एक नहीं पूरे दो ब्लैक – बैल्ट प्राप्त किये हैं
आज Jessica हाथों से किये जाने वाले लगभग सारे काम अपने पावों से कर लेती हैं।
man ke haar man ke jeete jeet
Øवो Car drive कर सकती हैं, key – board पर टाइप कर सकती हैं । वो भी 25 words per minute . जेसिका स्वयं अपनी eyes के contact lenses लगाती है और उनको उतरती भी हैं ।
ØJessica एक मान्यता प्राप्त SCUBA ड्राइवर भी हैं ।
Jessica ने अपनी study भी पूरी की है वो Arizon University से Psychology में Bachelor’s degree holder आहें और अब वो एक Motivational Speaker के तौर पर work कर रही हैं वो अपने thoughts और massages को लगभग 20 से भी ज्यादा country में spread कर चुकी हैं ।
Jessica की life achiving list में अभी और भी बहुत से ऐसे काम हैं जिनको वो स्वयं करना चाहती हैं जैसे –
üअपने Long Hairs को रबर बैंड से पीछे की और बांधना और पहाड़ों पर चढ़ना ।
Jessica Cox जल्द ही ये सब भी कर लेंगी क्योंकि उनके अंदर अपने व अपनी life के प्रति एक सकारात्मक नजरिया है और कुछ करने और पाने का जूनून ।                    
   


The world's first licensed armless pilot- Jessica Cox - real life hero's ki real story in Hindi



The world's first licensed armless pilot
 
jeevan chalne ka nam chalte raho subah -sham
बिना हाथों की पहली महिला पायलेट – “जेसिका कॉक्स”

जिस दिन से चला हूँ, मेरी मंजिल पे नज़र है,
आखों ने कभी, मील का पत्थर नहीं देखा  
       ये खूबसूरत सूरत पंक्तियाँ famous poet डॉ बशीर ने क्या खूब कही हैं। इन lines में मंजिल तक पहुँचने का जो जूनून है वो साफ़ नजर आता है, की एक राही किसी पथ की कठिनाइयों व थकावट को नजर अंदाज कर के बस अपनी मंजिल की तरफ बढ़ा जा रहा है ।
     this is very true that life की कठिनाइयाँ कभी लक्ष्य की प्राप्ति में बाधक नहीं बनती बल्कि गर कुछ बाधक बनता है तो वो है आप का अपने लक्ष्य के प्रति अविश्वास और अपने लक्ष्य के प्रति जूनून की कमी ।
यदि आप का life aim clear and sarp है और उसे पाने के लिए आप के अंदर एक जूनून है तो फिर life की हर physicle and finacial problem आपके लक्ष्य के सामने छोटी हो जाती है और आप वो हर success को gain करते है जिसे आप करना चाहते हैं ।
अपनी इस बात का मैं एक real life model – ‘Jessica Cox’ का example दे कर करना चाहती हूँ ।
Jessica Cox is a real life hero who is the world’s first licensed armless pilot.             
Surprised!
I know but Yes this is true वैसे ही जैसे आकाश में सूरज और चाँद, Jessica Cox एक बिना हाथों की विश्व की पहली women pilot हैं । जिनका जन्म 1983 में America के Arizon में हुआ था । वो एक ऐसी girl है जो बिना हाथों के इस संसार में पैदा हुयी थी।
Jessica Cox ने जन्म से ही बिना हाथों के होते हुए भी अपनी life में हताशा और निराशा को स्थान नहीं दिया बल्कि हाथों के स्थान पर अपने पैरों को अपनी ताकत बनाते हुए अपनी life के प्रति always एक positive vision रखा  और वो सब प्राप्त किया जो वो पाना चाहती थी ।       
     जेसिका कॉक्स ने कभी भी अपनी life में can ‘t do और imposible words को शामिल नहीं होने दिया बस अपने अंदर कुछ पाने के जूनून को जगाया और success की तरफ कदम बढाती गईं ।
Jessica Cox saidI may not have arms but that does not determine who I am or who I can become.”
     25 वर्ष की age में वह licensed प्राप्त पहली बिना हाथों वाली महिला pilot बनी।
जेसिका सिर्फ बिना हाथो के विमान ही नहीं चलाती, वो एक ब्लैक –बेल्टर भी हैं। वो American Taekwndo Asociation से एक नहीं पूरे दो ब्लैक – बैल्ट प्राप्त किये हैं
आज Jessica हाथों से किये जाने वाले लगभग सारे काम अपने पावों से कर लेती हैं।
man ke haar man ke jeete jeet
Øवो Car drive कर सकती हैं, key – board पर टाइप कर सकती हैं । वो भी 25 words per minute . जेसिका स्वयं अपनी eyes के contact lenses लगाती है और उनको उतरती भी हैं ।
ØJessica एक मान्यता प्राप्त SCUBA ड्राइवर भी हैं ।
Jessica ने अपनी study भी पूरी की है वो Arizon University से Psychology में Bachelor’s degree holder आहें और अब वो एक Motivational Speaker के तौर पर work कर रही हैं वो अपने thoughts और massages को लगभग 20 से भी ज्यादा country में spread कर चुकी हैं ।
Jessica की life achiving list में अभी और भी बहुत से ऐसे काम हैं जिनको वो स्वयं करना चाहती हैं जैसे –
üअपने Long Hairs को रबर बैंड से पीछे की और बांधना और पहाड़ों पर चढ़ना ।
Jessica Cox जल्द ही ये सब भी कर लेंगी क्योंकि उनके अंदर अपने व अपनी life के प्रति एक सकारात्मक नजरिया है और कुछ करने और पाने का जूनून ।                    
   



      जिनको स्वयं की शक्ति पर विश्वास हो,

         उनके लिए कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता  


Who believe in the power of self, 
No work is impossible for them.

एक बार श्रावस्ती में बड़ा घोर अकाल पड़ा, तब भगवान बुद्ध ने अपने सभी शिष्यों और अनुयायिओं से पूछा –“ तुम में से कौन -कौन  इन भूखों के भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी उठा सकता है ।”

रत्नाकर शाह ने तुरन्त कहा –“ अकाल से छुब्ध लोगों के लिए तो मेरे पास जो धन है उससे कहीं अधिक धन की आवश्यकता होगी जो मेरे पास नहीं है ।”

यह सुन कर बुद्ध मौन रहे और फिर एक नज़र अपने चारों और दौड़ाई ।

वही पर एक तरफ श्रावस्ती के king के सेनापति खड़े थे, उन्होंने कहा –“ इनके लिए मैं अपनी जान तक दे सकता हूँ, पर मेरे पास भी इतनी सम्पत्ति नहीं है की में कोई help कर सकूँ ।”

सैकड़ों बीघे भूमि के मालिक धर्म पाल ने गहरी श्वास लेते हुए कहा –“ प्रभु में चहुँ तो भी कुछ नहीं कर सकता। मेरी तो सारी खेती ही अकाल के कारण नष्ट हो गयी। राजा का “कर” कैसे चुकाऊगा, मुझे तो यही नहीं सूझ रहा ।”
बुद्ध यह सुन कर भी मौन रहे ।

अंत में एक beggar की daughter सुप्रिया ने उठ कर सभीका अभिवादन किया और संकोच भरे शब्दों में प्रभु से कहा –“मैं इनके भोजन की व्यवस्था करने का भार उठाऊंगी । मैं दूंगी भूखों को भोजन ।”

beggar की kanya  की यह बात सुन कर सभी आश्चर्यचकित हो एक साथ पूंछ बैठे –“ अरे ! किस प्रकार..? तुम किस प्रकार इस व्यवस्था को पूरा कर सकती हो..? तुम्हारे पास न तो इतना धन है और न ही तुम्हारे पास इतना सामर्थ्य कि तुम इतनी बड़ी प्रतिज्ञा पालन का कर्तव्य पूरा कर सको ।”

इस पर सुप्रिया ने answer दिया –“मैं सबसे गरीब हूँ , पर यही मेरी शक्ति है । मेरी शक्ति और भण्डार सब के घरों में ही हैं ।”

भगवान तथागत ने उस beggar की Virgo कि बात सुन कर कहा – “मैं निश्चिन्त हूँ की भूखों को भोजन कराने का कार्य सही हाथों ने लिया है । जिनको स्वयं की शक्ति पर विश्वास हो उनके लिए कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता ।”          
  
Friend’s, आप को ये Who believe in the power of self, No work is impossible for them motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please
comments के द्वारा जरुर बताये । 

One Request: Did you like this personal development base motivational story in Hindi? If yes, become a fan of this blog...please




Who believe in the power of self, No work is impossible for them- a motivational and inspirational true real life story in Hindi.


      जिनको स्वयं की शक्ति पर विश्वास हो,

         उनके लिए कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता  


Who believe in the power of self, 
No work is impossible for them.

एक बार श्रावस्ती में बड़ा घोर अकाल पड़ा, तब भगवान बुद्ध ने अपने सभी शिष्यों और अनुयायिओं से पूछा –“ तुम में से कौन -कौन  इन भूखों के भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी उठा सकता है ।”

रत्नाकर शाह ने तुरन्त कहा –“ अकाल से छुब्ध लोगों के लिए तो मेरे पास जो धन है उससे कहीं अधिक धन की आवश्यकता होगी जो मेरे पास नहीं है ।”

यह सुन कर बुद्ध मौन रहे और फिर एक नज़र अपने चारों और दौड़ाई ।

वही पर एक तरफ श्रावस्ती के king के सेनापति खड़े थे, उन्होंने कहा –“ इनके लिए मैं अपनी जान तक दे सकता हूँ, पर मेरे पास भी इतनी सम्पत्ति नहीं है की में कोई help कर सकूँ ।”

सैकड़ों बीघे भूमि के मालिक धर्म पाल ने गहरी श्वास लेते हुए कहा –“ प्रभु में चहुँ तो भी कुछ नहीं कर सकता। मेरी तो सारी खेती ही अकाल के कारण नष्ट हो गयी। राजा का “कर” कैसे चुकाऊगा, मुझे तो यही नहीं सूझ रहा ।”
बुद्ध यह सुन कर भी मौन रहे ।

अंत में एक beggar की daughter सुप्रिया ने उठ कर सभीका अभिवादन किया और संकोच भरे शब्दों में प्रभु से कहा –“मैं इनके भोजन की व्यवस्था करने का भार उठाऊंगी । मैं दूंगी भूखों को भोजन ।”

beggar की kanya  की यह बात सुन कर सभी आश्चर्यचकित हो एक साथ पूंछ बैठे –“ अरे ! किस प्रकार..? तुम किस प्रकार इस व्यवस्था को पूरा कर सकती हो..? तुम्हारे पास न तो इतना धन है और न ही तुम्हारे पास इतना सामर्थ्य कि तुम इतनी बड़ी प्रतिज्ञा पालन का कर्तव्य पूरा कर सको ।”

इस पर सुप्रिया ने answer दिया –“मैं सबसे गरीब हूँ , पर यही मेरी शक्ति है । मेरी शक्ति और भण्डार सब के घरों में ही हैं ।”

भगवान तथागत ने उस beggar की Virgo कि बात सुन कर कहा – “मैं निश्चिन्त हूँ की भूखों को भोजन कराने का कार्य सही हाथों ने लिया है । जिनको स्वयं की शक्ति पर विश्वास हो उनके लिए कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता ।”          
  
Friend’s, आप को ये Who believe in the power of self, No work is impossible for them motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please
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जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं 

God values only feelings

Caste no sense for God, for God only Feelings are grow


Friends, आज में आप लोगों के बीच एक पुराणों में अति प्रसिद्ध कथा है, उसे share करने जा रही हूँ यह story एक शिवभक्त की है जो कि पुराणों में व ईश्वर भक्तों में अति famous है

एक लड़का था, जो कि निम्न जाति से था । पर उसे नित्य God Mahadev का ध्यान करना, उनकी आराधना करना प्रिय था । उसका प्रतिदिन का कर्म था की वह नित्य Shiv- temple आता । साथ में अपने घर एक तेल का दिया लाता और उसे नित्य मंदिर में जलाता । जब तक वह temple में रहता, God Mahadev की आराधना करता रहता और दीये को जलाये रखता। इसके लिए वो अपने साथ हमेशा अतरिक्त तेल लेकर आता था और दिये को जलाये रखता जिससे दीया बुझने ना पाए ।       

धीरे –धीरे वह दीया जलाने के साथ –साथ shiv जी का प्रदोष व्रत भी करने लगा । उसके अंदर God Shiv के लिए इतना अनुराग जाग्रत हुआ कि वो प्रदोष व्रत के साथ- साथ शिवरात्रि का वर्त भी करने लगा। वह नित्य शिवलिंग पर जल चढ़ाता और Shiv भजनों को गुनगुनाता। पर इन सब कर्मकाण्डों के बावजूद उसका साधना का भाव सब से अलग था। और God Mahadev ने इस भाव को पढ़ लिया था ।  इस भाव के कारण God Mahadev अपने इस भक्त से अति प्रसन्न थे । और इसका कारण इस भक्त की वह भाव साधना ही थी जिसके कारण वह नित्य मंदिर में दीप जलाता था ।

इस भक्त की साधना का भाव यह था कि “हमारी इस सृष्टि में सदा प्रकाश फैलता रहे । कभी कही भी अन्धकार का साम्राज्य न हो ।” इसके अलावा उस भक्त के अंदर कोई कामना नहीं थी । भगवान शिव जी उसके इस संसार के कल्याण की भावना से इतने प्रसन्न हुए कि उसे Shiv जी ने अपना प्रिय बना लिया । वह शिव जी का इतना प्रिय बना कि शिव ने उसे कुबेर पद देकर, एश्वर्य को सभाले रखने के दायित्व को धारण करने वाला बना दिया ।     

भगवान कभी भी किसी की जाती नहीं देखते। और न ही व्यक्ति के कर्मकांडों को वो तो सिर्फ भक्त के भावों को देखते हैं । भगवान को तो सिर्फ भाव ही प्रिय हैं ।  

Friend’s, आप को मेरी, “जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं”” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये ।   

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Caste no sense for God, for God only Feeling are grow- this is a real life true inspirational story- God Mahadev and his devotees in Hindi,


जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं 

God values only feelings

Caste no sense for God, for God only Feelings are grow


Friends, आज में आप लोगों के बीच एक पुराणों में अति प्रसिद्ध कथा है, उसे share करने जा रही हूँ यह story एक शिवभक्त की है जो कि पुराणों में व ईश्वर भक्तों में अति famous है

एक लड़का था, जो कि निम्न जाति से था । पर उसे नित्य God Mahadev का ध्यान करना, उनकी आराधना करना प्रिय था । उसका प्रतिदिन का कर्म था की वह नित्य Shiv- temple आता । साथ में अपने घर एक तेल का दिया लाता और उसे नित्य मंदिर में जलाता । जब तक वह temple में रहता, God Mahadev की आराधना करता रहता और दीये को जलाये रखता। इसके लिए वो अपने साथ हमेशा अतरिक्त तेल लेकर आता था और दिये को जलाये रखता जिससे दीया बुझने ना पाए ।       

धीरे –धीरे वह दीया जलाने के साथ –साथ shiv जी का प्रदोष व्रत भी करने लगा । उसके अंदर God Shiv के लिए इतना अनुराग जाग्रत हुआ कि वो प्रदोष व्रत के साथ- साथ शिवरात्रि का वर्त भी करने लगा। वह नित्य शिवलिंग पर जल चढ़ाता और Shiv भजनों को गुनगुनाता। पर इन सब कर्मकाण्डों के बावजूद उसका साधना का भाव सब से अलग था। और God Mahadev ने इस भाव को पढ़ लिया था ।  इस भाव के कारण God Mahadev अपने इस भक्त से अति प्रसन्न थे । और इसका कारण इस भक्त की वह भाव साधना ही थी जिसके कारण वह नित्य मंदिर में दीप जलाता था ।

इस भक्त की साधना का भाव यह था कि “हमारी इस सृष्टि में सदा प्रकाश फैलता रहे । कभी कही भी अन्धकार का साम्राज्य न हो ।” इसके अलावा उस भक्त के अंदर कोई कामना नहीं थी । भगवान शिव जी उसके इस संसार के कल्याण की भावना से इतने प्रसन्न हुए कि उसे Shiv जी ने अपना प्रिय बना लिया । वह शिव जी का इतना प्रिय बना कि शिव ने उसे कुबेर पद देकर, एश्वर्य को सभाले रखने के दायित्व को धारण करने वाला बना दिया ।     

भगवान कभी भी किसी की जाती नहीं देखते। और न ही व्यक्ति के कर्मकांडों को वो तो सिर्फ भक्त के भावों को देखते हैं । भगवान को तो सिर्फ भाव ही प्रिय हैं ।  

Friend’s, आप को मेरी, “जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं”” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये ।   

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एक साधारण आदमी एक संतरी से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक बना   




A  simple man become Nobel Prize winning scientist from a Sentry

friends हम सब जानते है कि एक घटना, एक वाकया, लोगों की जिंदगी बदल देती है । ऐसे ही प्रसद्धि Nobel Prize Winner बर्नर हाईजनबर्ग के जीवन की है ।
पश्चिमी जर्मनी के बर्नर हाईजनबर्ग भी Nobel Prize के विजेता होने से पहले एक साधारण संतरी थे और इनके जीवन को एक book ने बदल दिया । एक book ने एक simple man को जो एक Sentry था  उसे एक विलक्षण Scientists बना दिया।

एक book एक व्यक्ति की life के कितने आयाम खोल सकती है उसे कितना प्रभावित कर सकती है इस बात का जीवन्त example है महान बर्नर हाईजनबर्ग।
बर्नर हाईजनबर्ग जब nineteen years के थे तब वह एक school में Sentry की duty किया करते थे । one day उन्हें duty देते समय कहीं से एक book मिली। यह book प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो की थी जिसका नाम तिमैयसथा । इस book में प्राचीन यूनान के भौतकी के प्रमाणिक सिद्धांत दिए हुए थे ।

तिमैयस नाम की इस पुस्तक ने एक व्यक्ति को संतरी से famous scientist बना दिया । बर्नर हाईजनबर्ग ने जब यह book पढ़ी तो उनको इतनी रूचि हुई की उन्होंने भौतकी के क्षेत्र में कुछ करने की ठान ली । फिर क्या था, उन्होंने इतनी मेहनत की कि वह 23 year की आयु तक अपनी बेजोड़ प्रतियों के बल पर गोटिजेन में प्रोफेसर मैक्स प्लांक के सहायक के पड़ पर नियुक्त हो गये । फिर तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर देखा ही नहीं । वह एक के बाद एक सफलता के नए शिखर पर चढ़ते गये ।

अपने जीवन के चौबीसवें साल के बीतने तक कोपेन हेगन के university में lecturer हो गये थे । और 26 year की age में वह लीपजिंग में professor की post पर आसीन हो गये । और 32 वर्ष की age तक पहुँचते पहुँचते अपने अनुसन्धानों के base पर भौतकी विज्ञान में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें Nobel Prize प्रदान किया गया ।

     इस प्रकार तिमैयसनाम की एक book ने एक साधारण से संतरी को एक विश्व विख्यात Nobel Prize विजेता वैज्ञानिक बना दिया ।


Friend’s, आप को मेरी A simple man become Nobel Prize winning scientist from a Sentry” true motivational story, Hindi में कैसी लगीक्या ये story सबकी life (personalty) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये   



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A simple man become Nobel Prize winning scientist from a Sentry- A true motivational real life story in Hindi


एक साधारण आदमी एक संतरी से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक बना   




A  simple man become Nobel Prize winning scientist from a Sentry

friends हम सब जानते है कि एक घटना, एक वाकया, लोगों की जिंदगी बदल देती है । ऐसे ही प्रसद्धि Nobel Prize Winner बर्नर हाईजनबर्ग के जीवन की है ।
पश्चिमी जर्मनी के बर्नर हाईजनबर्ग भी Nobel Prize के विजेता होने से पहले एक साधारण संतरी थे और इनके जीवन को एक book ने बदल दिया । एक book ने एक simple man को जो एक Sentry था  उसे एक विलक्षण Scientists बना दिया।

एक book एक व्यक्ति की life के कितने आयाम खोल सकती है उसे कितना प्रभावित कर सकती है इस बात का जीवन्त example है महान बर्नर हाईजनबर्ग।
बर्नर हाईजनबर्ग जब nineteen years के थे तब वह एक school में Sentry की duty किया करते थे । one day उन्हें duty देते समय कहीं से एक book मिली। यह book प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो की थी जिसका नाम तिमैयसथा । इस book में प्राचीन यूनान के भौतकी के प्रमाणिक सिद्धांत दिए हुए थे ।

तिमैयस नाम की इस पुस्तक ने एक व्यक्ति को संतरी से famous scientist बना दिया । बर्नर हाईजनबर्ग ने जब यह book पढ़ी तो उनको इतनी रूचि हुई की उन्होंने भौतकी के क्षेत्र में कुछ करने की ठान ली । फिर क्या था, उन्होंने इतनी मेहनत की कि वह 23 year की आयु तक अपनी बेजोड़ प्रतियों के बल पर गोटिजेन में प्रोफेसर मैक्स प्लांक के सहायक के पड़ पर नियुक्त हो गये । फिर तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर देखा ही नहीं । वह एक के बाद एक सफलता के नए शिखर पर चढ़ते गये ।

अपने जीवन के चौबीसवें साल के बीतने तक कोपेन हेगन के university में lecturer हो गये थे । और 26 year की age में वह लीपजिंग में professor की post पर आसीन हो गये । और 32 वर्ष की age तक पहुँचते पहुँचते अपने अनुसन्धानों के base पर भौतकी विज्ञान में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें Nobel Prize प्रदान किया गया ।

     इस प्रकार तिमैयसनाम की एक book ने एक साधारण से संतरी को एक विश्व विख्यात Nobel Prize विजेता वैज्ञानिक बना दिया ।


Friend’s, आप को मेरी A simple man become Nobel Prize winning scientist from a Sentry” true motivational story, Hindi में कैसी लगीक्या ये story सबकी life (personalty) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये   



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