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जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं 

God values only feelings

Caste no sense for God, for God only Feelings are grow


Friends, आज में आप लोगों के बीच एक पुराणों में अति प्रसिद्ध कथा है, उसे share करने जा रही हूँ यह story एक शिवभक्त की है जो कि पुराणों में व ईश्वर भक्तों में अति famous है

एक लड़का था, जो कि निम्न जाति से था । पर उसे नित्य God Mahadev का ध्यान करना, उनकी आराधना करना प्रिय था । उसका प्रतिदिन का कर्म था की वह नित्य Shiv- temple आता । साथ में अपने घर एक तेल का दिया लाता और उसे नित्य मंदिर में जलाता । जब तक वह temple में रहता, God Mahadev की आराधना करता रहता और दीये को जलाये रखता। इसके लिए वो अपने साथ हमेशा अतरिक्त तेल लेकर आता था और दिये को जलाये रखता जिससे दीया बुझने ना पाए ।       

धीरे –धीरे वह दीया जलाने के साथ –साथ shiv जी का प्रदोष व्रत भी करने लगा । उसके अंदर God Shiv के लिए इतना अनुराग जाग्रत हुआ कि वो प्रदोष व्रत के साथ- साथ शिवरात्रि का वर्त भी करने लगा। वह नित्य शिवलिंग पर जल चढ़ाता और Shiv भजनों को गुनगुनाता। पर इन सब कर्मकाण्डों के बावजूद उसका साधना का भाव सब से अलग था। और God Mahadev ने इस भाव को पढ़ लिया था ।  इस भाव के कारण God Mahadev अपने इस भक्त से अति प्रसन्न थे । और इसका कारण इस भक्त की वह भाव साधना ही थी जिसके कारण वह नित्य मंदिर में दीप जलाता था ।

इस भक्त की साधना का भाव यह था कि “हमारी इस सृष्टि में सदा प्रकाश फैलता रहे । कभी कही भी अन्धकार का साम्राज्य न हो ।” इसके अलावा उस भक्त के अंदर कोई कामना नहीं थी । भगवान शिव जी उसके इस संसार के कल्याण की भावना से इतने प्रसन्न हुए कि उसे Shiv जी ने अपना प्रिय बना लिया । वह शिव जी का इतना प्रिय बना कि शिव ने उसे कुबेर पद देकर, एश्वर्य को सभाले रखने के दायित्व को धारण करने वाला बना दिया ।     

भगवान कभी भी किसी की जाती नहीं देखते। और न ही व्यक्ति के कर्मकांडों को वो तो सिर्फ भक्त के भावों को देखते हैं । भगवान को तो सिर्फ भाव ही प्रिय हैं ।  

Friend’s, आप को मेरी, “जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं”” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये ।   

One Request: Did you like this personal development base motivational story in Hindi? If yes, become a fan of this blog...please

           

Caste no sense for God, for God only Feeling are grow- this is a real life true inspirational story- God Mahadev and his devotees in Hindi,


जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं 

God values only feelings

Caste no sense for God, for God only Feelings are grow


Friends, आज में आप लोगों के बीच एक पुराणों में अति प्रसिद्ध कथा है, उसे share करने जा रही हूँ यह story एक शिवभक्त की है जो कि पुराणों में व ईश्वर भक्तों में अति famous है

एक लड़का था, जो कि निम्न जाति से था । पर उसे नित्य God Mahadev का ध्यान करना, उनकी आराधना करना प्रिय था । उसका प्रतिदिन का कर्म था की वह नित्य Shiv- temple आता । साथ में अपने घर एक तेल का दिया लाता और उसे नित्य मंदिर में जलाता । जब तक वह temple में रहता, God Mahadev की आराधना करता रहता और दीये को जलाये रखता। इसके लिए वो अपने साथ हमेशा अतरिक्त तेल लेकर आता था और दिये को जलाये रखता जिससे दीया बुझने ना पाए ।       

धीरे –धीरे वह दीया जलाने के साथ –साथ shiv जी का प्रदोष व्रत भी करने लगा । उसके अंदर God Shiv के लिए इतना अनुराग जाग्रत हुआ कि वो प्रदोष व्रत के साथ- साथ शिवरात्रि का वर्त भी करने लगा। वह नित्य शिवलिंग पर जल चढ़ाता और Shiv भजनों को गुनगुनाता। पर इन सब कर्मकाण्डों के बावजूद उसका साधना का भाव सब से अलग था। और God Mahadev ने इस भाव को पढ़ लिया था ।  इस भाव के कारण God Mahadev अपने इस भक्त से अति प्रसन्न थे । और इसका कारण इस भक्त की वह भाव साधना ही थी जिसके कारण वह नित्य मंदिर में दीप जलाता था ।

इस भक्त की साधना का भाव यह था कि “हमारी इस सृष्टि में सदा प्रकाश फैलता रहे । कभी कही भी अन्धकार का साम्राज्य न हो ।” इसके अलावा उस भक्त के अंदर कोई कामना नहीं थी । भगवान शिव जी उसके इस संसार के कल्याण की भावना से इतने प्रसन्न हुए कि उसे Shiv जी ने अपना प्रिय बना लिया । वह शिव जी का इतना प्रिय बना कि शिव ने उसे कुबेर पद देकर, एश्वर्य को सभाले रखने के दायित्व को धारण करने वाला बना दिया ।     

भगवान कभी भी किसी की जाती नहीं देखते। और न ही व्यक्ति के कर्मकांडों को वो तो सिर्फ भक्त के भावों को देखते हैं । भगवान को तो सिर्फ भाव ही प्रिय हैं ।  

Friend’s, आप को मेरी, “जाति नहीं भगवान के लिए भाव बड़े होते हैं”” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये ।   

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“To you I'm an atheist; to God, I'm the Loyal Opposition.”Woody Allen (b. 1935) U.S. humorist, actor and film director
Funny Quotes - Atheism - Woody Allen

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“To you I'm an atheist; to God, I'm the Loyal Opposition.”Woody Allen (b. 1935) U.S. humorist, actor and film director
“When you love you should not say, 'God is in my heart,' but rather, 'I am in the heart of God.' And think not you can direct the course of love, for love, if it finds you worthy, directs your course.”Kahlil Gibran (1883 – 1931) U.S. artist, poet, and writer
God - Heart Quotes - Kahlil Gibran

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“When you love you should not say, 'God is in my heart,' but rather, 'I am in the heart of God.' And think not you can direct the course of love, for love, if it finds you worthy, directs your course.”Kahlil Gibran (1883 – 1931) U.S. artist, poet, and writer
“Ah well, I am a great and sublime fool. But then I am God's fool, and all His work must be contemplated with respect.”Mark Twain (1835 – 1910) U.S. humorist and writer
Funny - Fools Quotes - Mark Twain

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“Ah well, I am a great and sublime fool. But then I am God's fool, and all His work must be contemplated with respect.”Mark Twain (1835 – 1910) U.S. humorist and writer