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प्रकृति का अजब खेल- एक गाँव का पुनर्जन्म


The Mystery
प्रकृति का तांडव 


प्रकृति के भी खेल भी कितने निराले हैं वो कब क्या करे, क्या दे, क्या ले ले ये कोई न नहीं जनता है जब प्रकृति खुश होती है तो, प्रकृति की कृपा की जहाँ कोई अंत नहीं है वही उसकी नाराजगी कि मार की भी कोई सीमा नहीं है। प्रकृति जब खुश होती है तो चारो तरफ हरियाली, संपन्नता और खुशहाली लाती है तो वही पर जब वह नाराज होती है तब वो तूफान लाती है, भूकंप, चक्रवात, सुखा आदि से सम्पूर्ण विनाश करती है।

पर कभी- कभी प्रकृति के गर्त से कुछ ऐसी घटना घटती है जिस पर सामान्य बुद्धि विश्वास नहीं कर पाती और बस प्रकृति कि अपार शक्ति व अदभुत्ता को देखती रह जाती है ।

ऐसी ही एक घटना पुनर्जन्म कि है। हम लोगों ने अब तक इंसानों के पुर्जन्म कि बात सुनते आये है पर क्या कभी आप ने किसी ख़तम और बर्बाद हुए गाँव के पुनर्जन्म के बारे में सुना है... नहीं ना, पर यहाँ पर आप और हमको इस बात पर विश्वास करना ही होगा क्योंकि इस बात के साक्ष्य जो मौजूद हैं । ये साक्ष्य चीन कि धरती पर मौजूद हैं ।

बात चीन के सिचुआन प्रान्त के शुआनफिंग गाँव कि है। इस गाँव में five year पहले 2008 में nature ने तांडव किया, कि गाँव में 8 degree कि तीव्रता से आये भूकंप से यहाँ कि धरती फटी और इस गाँव का नामों निशां चीन के मानचित्र से मिट गया और इस स्थान पर एक झील ने अपना नाम दर्ज करा लिया । इस गाँव का हर घर-स्कूल जल समाधि बन गया।

लेकिन इस साल July में, चीन में आई nature की दूसरी विपदा ने इस गाँव पर अपनी कृपा कर दी। जो गाँव बाढ़ से ख़तम हो गया था । वो इस साल आई 50 साल की सबसे भयानक बाढ़ से पुनः अस्तित्व में आ गया। बाढ़ ने झील के किनारों को तोड़ दिया। इससे झील का water बाहर आ गया और गाँव के मकान फिर से दिखने लगे । इस अदभुत प्राकृतिक घटना ने जहाँ एक ओर चीन में भयंकर विनाश लीला रची, वहीँ प्रकृति की ये आपदा, शुआनफिंग गाँव के लिए वरदान साबित हुई। प्रकृति ने इस गाँव पर अपनी कृपा का आशीर्वाद दे कर इसे नव जीवन प्रदान किया और ये गाँव दुनिया के मानचित्र पर पुनः पुनर्जीवित हो उठा।    

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The Mystery of Nature - Rebirth of a village


प्रकृति का अजब खेल- एक गाँव का पुनर्जन्म


The Mystery
प्रकृति का तांडव 


प्रकृति के भी खेल भी कितने निराले हैं वो कब क्या करे, क्या दे, क्या ले ले ये कोई न नहीं जनता है जब प्रकृति खुश होती है तो, प्रकृति की कृपा की जहाँ कोई अंत नहीं है वही उसकी नाराजगी कि मार की भी कोई सीमा नहीं है। प्रकृति जब खुश होती है तो चारो तरफ हरियाली, संपन्नता और खुशहाली लाती है तो वही पर जब वह नाराज होती है तब वो तूफान लाती है, भूकंप, चक्रवात, सुखा आदि से सम्पूर्ण विनाश करती है।

पर कभी- कभी प्रकृति के गर्त से कुछ ऐसी घटना घटती है जिस पर सामान्य बुद्धि विश्वास नहीं कर पाती और बस प्रकृति कि अपार शक्ति व अदभुत्ता को देखती रह जाती है ।

ऐसी ही एक घटना पुनर्जन्म कि है। हम लोगों ने अब तक इंसानों के पुर्जन्म कि बात सुनते आये है पर क्या कभी आप ने किसी ख़तम और बर्बाद हुए गाँव के पुनर्जन्म के बारे में सुना है... नहीं ना, पर यहाँ पर आप और हमको इस बात पर विश्वास करना ही होगा क्योंकि इस बात के साक्ष्य जो मौजूद हैं । ये साक्ष्य चीन कि धरती पर मौजूद हैं ।

बात चीन के सिचुआन प्रान्त के शुआनफिंग गाँव कि है। इस गाँव में five year पहले 2008 में nature ने तांडव किया, कि गाँव में 8 degree कि तीव्रता से आये भूकंप से यहाँ कि धरती फटी और इस गाँव का नामों निशां चीन के मानचित्र से मिट गया और इस स्थान पर एक झील ने अपना नाम दर्ज करा लिया । इस गाँव का हर घर-स्कूल जल समाधि बन गया।

लेकिन इस साल July में, चीन में आई nature की दूसरी विपदा ने इस गाँव पर अपनी कृपा कर दी। जो गाँव बाढ़ से ख़तम हो गया था । वो इस साल आई 50 साल की सबसे भयानक बाढ़ से पुनः अस्तित्व में आ गया। बाढ़ ने झील के किनारों को तोड़ दिया। इससे झील का water बाहर आ गया और गाँव के मकान फिर से दिखने लगे । इस अदभुत प्राकृतिक घटना ने जहाँ एक ओर चीन में भयंकर विनाश लीला रची, वहीँ प्रकृति की ये आपदा, शुआनफिंग गाँव के लिए वरदान साबित हुई। प्रकृति ने इस गाँव पर अपनी कृपा का आशीर्वाद दे कर इसे नव जीवन प्रदान किया और ये गाँव दुनिया के मानचित्र पर पुनः पुनर्जीवित हो उठा।    

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